SIP क्या होता है?
SIP का पूरा नाम है Systematic Investment Plan। ये एक ऐसी निवेश योजना है जिसमें आप हर महीने थोड़े-थोड़े पैसे म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। यह बिलकुल उसी तरह है जैसे आप हर महीने बैंक में सेविंग्स करते हैं – लेकिन इससे बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना होती है।
Step 1: SIP कैसे काम करता है?
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SIP में आप एक निश्चित रकम (जैसे ₹500, ₹1000 या ₹5000) हर महीने निवेश करते हैं।
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यह पैसा म्यूचुअल फंड स्कीम में जाता है।
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हर बार जब आप निवेश करते हैं, तो उस दिन की NAV (Net Asset Value) के हिसाब से यूनिट्स मिलती हैं।
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धीरे-धीरे समय के साथ आपकी राशि बढ़ती है और कंपाउंडिंग के जरिए अच्छा रिटर्न मिलता है।
Step 2: SIP के मुख्य फायदे
Step 3: SIP शुरू कैसे करें?
Step 4: SIP में कहां निवेश करें? (टाइप्स ऑफ फंड्स)
Step 5: SIP करते वक्त ध्यान देने योग्य बातें
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SIP लंबी अवधि के लिए करें – कम से कम 5 साल।
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मार्केट गिरने पर SIP बंद न करें – यही समय ज्यादा यूनिट्स लेने का होता है।
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हर साल अपने SIP की समीक्षा करें।
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अगर आपकी इनकम बढ़े तो SIP राशि भी बढ़ाएं – इसे SIP Step-Up कहते हैं।
निष्कर्ष: SIP क्यों जरूरी है?
SIP एक स्मार्ट तरीका है अपने भविष्य को सुरक्षित बनाने का – वो भी बिना ज़्यादा जोखिम उठाए। ये आपको समय के साथ निवेश का अनुशासन सिखाता है और कंपाउंडिंग के ज़रिए वेल्थ तैयार करता है।
अगर आप निवेश शुरू करना चाहते हैं, लेकिन शेयर मार्केट से डरते हैं – तो SIP आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है।

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