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Average True Range (ATR) Indicator क्या है? – पूरी जानकारी


📈 परिचय (Introduction)

अगर आप स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं, तो आपको “Average True Range (ATR)” इंडिकेटर का नाम ज़रूर सुनने को मिला होगा। ATR एक वोलैटिलिटी इंडिकेटर है जो बताता है कि किसी स्टॉक या इंडेक्स की प्राइस कितनी तेजी से बदल रही है। यानी, यह आपको मार्केट की “तेज़ी” या “मंदी” नहीं बल्कि प्राइस मूवमेंट की तीव्रता (intensity) दिखाता है। 

शेयर बाजार की दुनिया में, अस्थिरता (Volatility) एक ऐसी सच्चाई है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। कीमतें पल भर में ऊपर-नीचे होती रहती हैं, और एक सफल ट्रेडर बनने के लिए इस अस्थिरता को समझना और मापना बेहद ज़रूरी है। यहीं पर एवरेज ट्रू रेंज (ATR) इंडिकेटर काम आता है। 

average true range

एटीआर (ATR) एक तकनीकी विश्लेषण संकेतक (Technical Analysis Indicator) है जिसे प्रसिद्ध तकनीकी विश्लेषक जे. वेल्स वाइल्डर जूनियर (J. Welles Wilder Jr.) ने अपनी 1978 की क्लासिक पुस्तक "न्यू कॉन्सेप्ट्स इन टेक्निकल ट्रेडिंग सिस्टम्स" में पेश किया था। यह इंडिकेटर किसी निश्चित समय सीमा के दौरान बाजार की अस्थिरता को मापता है।

आसान शब्दों में कहें तो, ATR हमें यह बताता है कि एक विशेष एसेट (जैसे स्टॉक, कमोडिटी या करेंसी पेयर) एक निश्चित अवधि (जैसे 14 दिन, 1 घंटा, 5 मिनट) में औसतन कितनी रेंज में चला है।

ध्यान दें: एटीआर हमें केवल अस्थिरता (यानी मूल्य में उतार-चढ़ाव की तीव्रता) बताता है; यह हमें कीमत की दिशा (ऊपर या नीचे) के बारे में कोई संकेत नहीं देता है


🔍 ATR Indicator क्या है?

ATR (Average True Range) एक ऐसा टेक्निकल एनालिसिस टूल है जिसे J. Welles Wilder Jr. ने बनाया था। यह किसी शेयर की वोलैटिलिटी (volatility) मापने में मदद करता है।
ATR यह नहीं बताता कि प्राइस ऊपर जाएगी या नीचे, बल्कि यह बताता है कि प्राइस कितनी बदल सकती है

उदाहरण के तौर पर:
अगर किसी शेयर का ATR वैल्यू 2.5 है, तो इसका मतलब है कि वह स्टॉक एक दिन में औसतन ₹2.5 की रेंज में मूव करता है।

ATR ट्रेडर्स के लिए एक अत्यंत मूल्यवान उपकरण है क्योंकि यह उन्हें निम्नलिखित मुख्य क्षेत्रों में मदद करता है:

  1. अस्थिरता को मापना (Measuring Volatility): उच्च ATR का मतलब है उच्च अस्थिरता (बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव), जबकि निम्न ATR का मतलब है कम अस्थिरता (बाजार शांत है)। यह जानकारी ट्रेडर को यह तय करने में मदद करती है कि किस बाजार में कब प्रवेश करना है।

  2. जोखिम प्रबंधन (Risk Management): ATR का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग स्टॉप-लॉस (Stop-Loss) और ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस (Trailing Stop-Loss) सेट करने में है।

  3. पोजीशन साइजिंग (Position Sizing): ट्रेडर ATR का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए करते हैं कि उन्हें किसी विशेष ट्रेड में कितनी पूंजी लगानी चाहिए, ताकि उनके जोखिम सहिष्णुता (Risk Tolerance) के अनुसार जोखिम को नियंत्रित किया जा सके।

  4. ट्रेडिंग रणनीति का अनुकूलन (Strategy Optimization): बाजार की वर्तमान अस्थिरता के आधार पर एंट्री (प्रवेश) और एग्जिट (निकास) के नियमों को समायोजित करने में सहायता करता है।


📊 ATR कैसे कैलकुलेट किया जाता है?

एवरेज ट्रू रेंज की गणना करने से पहले, हमें ट्रू रेंज (TR) की गणना करना सीखना होगा। ट्रू रेंज किसी भी ट्रेडिंग अवधि (जैसे एक दिन) के लिए मूल्य सीमा का सबसे बड़ा माप है।

ट्रू रेंज की गणना के लिए निम्नलिखित तीन मानों में से सबसे बड़ा (Maximum) लिया जाता है:

  1. वर्तमान उच्च और निम्न के बीच का अंतर:

    • $TR_1 = \text{आज का उच्च} - \text{आज का निम्न}$

  2. वर्तमान उच्च और पिछली क्लोजिंग कीमत के बीच का पूर्ण अंतर (Absolute Difference):

    • $TR_2 = |\text{आज का उच्च} - \text{कल की क्लोजिंग कीमत}|$

  3. वर्तमान निम्न और पिछली क्लोजिंग कीमत के बीच का पूर्ण अंतर:

    • $TR_3 = |\text{आज का निम्न} - \text{कल की क्लोजिंग कीमत}|$

अतः, $\text{ट्रू रेंज (TR)} = \text{Maximum} (TR_1, TR_2, TR_3)$

दूसरे और तीसरे बिंदु में पूर्ण अंतर (Absolute Difference) का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ATR की गणना में मूल्य के गैप-अप (Gap-Up) या गैप-डाउन (Gap-Down) को भी शामिल किया जा सके, जो कि केवल $TR_1$ से छूट सकते थे।

ATR की गणना तीन डेटा पॉइंट्स से की जाती है:

  1. Current High – Current Low

  2. |Current High – Previous Close|

  3. |Current Low – Previous Close|

इन तीनों में से सबसे बड़ा मान (Maximum Value) लिया जाता है और फिर उसका औसत (Average) निकालते हैं, जो कि ATR कहलाता है।


💡 ATR Indicator का उपयोग कैसे करें?

एवरेज ट्रू रेंज (ATR) की गणना

ट्रू रेंज की गणना करने के बाद, अगला कदम एवरेज ट्रू रेंज (ATR) की गणना करना है।

ATR एक निर्दिष्ट संख्या की अवधियों (Periods) का मूविंग एवरेज (आमतौर पर 14 अवधि) होता है। इसे आमतौर पर एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) की तरह चिकना (Smoothed) किया जाता है।

पहला ATR मान (First ATR Value):

पहले ATR मान के लिए, हम बस 14 दिन की ट्रू रेंज का साधारण औसत (Simple Average) लेते हैं:

  • $ATR_{First} = \frac{\text{पहले } 14 \text{ दिनों की कुल ट्रू रेंज}}{\text{14}}$

उसके बाद के ATR मानों की गणना (Smoothed ATR):

जे. वेल्स वाइल्डर ने ATR के लिए एक विशेष स्मूथिंग फॉर्मूला का उपयोग किया, जो एक EMA (Exponential Moving Average) के समान है:

  • $ATR_{\text{वर्तमान}} = \frac{(ATR_{\text{पिछला}} \times 13) + TR_{\text{वर्तमान}}}{14}$

यहाँ, 13 अवधि की संख्या ($N$) से एक कम है ($N-1$), और 14 अवधि की संख्या ($N$) है।

यह फ़ॉर्मूला सुनिश्चित करता है कि ATR वर्तमान अस्थिरता के प्रति संवेदनशील रहे, लेकिन साथ ही पिछले मूल्यों के प्रभाव को भी बनाए रखे।

✨ गणना का उदाहरण (Example of Calculation)

मान लीजिए कि हम 14-दिन ATR की गणना कर रहे हैं, और:

  • पिछला ATR (13 दिन का): ₹2.00

  • वर्तमान दिन की ट्रू रेंज (TR): ₹3.50

ATR की गणना:

  • $ATR_{\text{वर्तमान}} = \frac{(2.00 \times 13) + 3.50}{14}$

  • $ATR_{\text{वर्तमान}} = \frac{26.00 + 3.50}{14}$

  • $ATR_{\text{वर्तमान}} = \frac{29.50}{14} \approx ₹2.107$

इस प्रकार, स्टॉक की नई अस्थिरता ₹2.11 है। ₹2.00 से ₹2.11 तक की वृद्धि बाजार में अस्थिरता में मामूली वृद्धि का संकेत देती है।

1. Stop Loss सेट करने में मददगार

ATR इंडिकेटर का सबसे लोकप्रिय उपयोग Stop Loss लगाने में किया जाता है।
उदाहरण: अगर ATR = 2 है, और आपने ₹100 पर खरीदारी की है, तो आप Stop Loss ₹98 पर रख सकते हैं (ATR के बराबर दूरी पर)।

2. Volatility पहचानने में

अगर ATR बढ़ रहा है → मार्केट में वोलैटिलिटी बढ़ रही है।
अगर ATR घट रहा है → मार्केट में शांति या साइडवेज मूवमेंट है।

3. Breakout Trading में संकेत

जब किसी स्टॉक में बड़ा मूव आने वाला होता है, तो ATR अचानक बढ़ जाता है। यह एक संकेत होता है कि मार्केट में एक्टिविटी बढ़ रही है।


⚙️ ATR Indicator को Chart पर कैसे लगाएं?

आप ATR को किसी भी चार्टिंग प्लेटफॉर्म पर आसानी से लगा सकते हैं जैसे:

Steps:

  1. चार्ट खोलें और स्टॉक चुनें।

  2. “Indicators” पर क्लिक करें।

  3. “Average True Range (ATR)” सर्च करें।

  4. डिफॉल्ट सेटिंग (14 Period) रख सकते हैं या अपनी जरूरत के अनुसार बदल सकते हैं।

ATR केवल एक संख्या नहीं है; यह एक शक्तिशाली उपकरण है जिसे ट्रेडर अपनी रणनीतियों में कई तरह से उपयोग कर सकते हैं।

1. स्टॉप-लॉस सेट करना (Setting Stop-Loss)

ATR का सबसे लोकप्रिय उपयोग जोखिम प्रबंधन के लिए स्टॉप-लॉस निर्धारित करना है। एक तार्किक स्टॉप-लॉस वह होना चाहिए जो बाजार की मौजूदा अस्थिरता के अनुकूल हो।

ट्रेडर आमतौर पर ATR को 1.5 से 3 गुना तक इस्तेमाल करके स्टॉप-लॉस की दूरी तय करते हैं:

  • लॉन्ग ट्रेड (खरीदने पर):

    • $\text{स्टॉप-लॉस मूल्य} = \text{एंट्री मूल्य} - (ATR \times \text{गुणांक})$

    • उदाहरण: यदि एंट्री मूल्य ₹100 है और ATR ₹2 है, और आप 2x ATR का उपयोग करते हैं:

      • $\text{स्टॉप-लॉस} = 100 - (2 \times 2) = ₹96$

  • शॉर्ट ट्रेड (बेचने पर):

    • $\text{स्टॉप-लॉस मूल्य} = \text{एंट्री मूल्य} + (ATR \times \text{गुणांक})$

    • उदाहरण: यदि एंट्री मूल्य ₹100 है और ATR ₹2 है, और आप 2x ATR का उपयोग करते हैं:

      • $\text{स्टॉप-लॉस} = 100 + (2 \times 2) = ₹104$

यह विधि यह सुनिश्चित करती है कि आपका स्टॉप-लॉस 'नॉइज़' (सामान्य मूल्य उतार-चढ़ाव) से दूर है, जिससे "स्टॉप-लॉस हंटिंग" की संभावना कम हो जाती है।

2. ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस (Trailing Stop-Loss)

ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस एक गतिशील स्टॉप-लॉस होता है जो आपके लाभ को सुरक्षित करने के लिए मूल्य के साथ ऊपर जाता है (लॉन्ग ट्रेड में)। ATR का उपयोग करके, आप अपनी पिछली क्लोजिंग या वर्तमान उच्च कीमत से ATR के एक निश्चित गुणांक की दूरी पर स्टॉप-लॉस रख सकते हैं।

  • जैसे-जैसे कीमत ऊपर जाती है, आपका स्टॉप-लॉस भी $2 \times ATR$ की दूरी बनाए रखते हुए ऊपर की ओर बढ़ता है, लेकिन कीमत के नीचे जाने पर यह वहीं बना रहता है। यह आपको बाजार की रैली में अधिकतम लाभ कमाने में मदद करता है।

3. पोजीशन साइजिंग (Position Sizing - वोलैटिलिटी एडजस्टेड)

स्मार्ट ट्रेडर अपनी पोजीशन का साइज़ ATR के आधार पर निर्धारित करते हैं। इसका उद्देश्य हर ट्रेड में एक समान पूंजी जोखिम (Capital at Risk) सुनिश्चित करना है, भले ही स्टॉक की अस्थिरता अलग-अलग हो।

सूत्र:

$$\text{शेयरों की संख्या} = \frac{\text{जोखिम में पूंजी} (R)}{\text{ATR} \times \text{गुणांक}}$$
  • उदाहरण: यदि आप प्रति ट्रेड ₹5,000 का जोखिम लेना चाहते हैं (R), और ATR ₹5 है, और आप 2x ATR का उपयोग करते हैं:

    • $\text{जोखिम प्रति शेयर} = 5 \times 2 = ₹10$

    • $\text{शेयरों की संख्या} = \frac{5,000}{10} = 500 \text{ शेयर}$

यह दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि आप अस्थिर स्टॉक में छोटे और शांत स्टॉक में बड़े साइज़ की पोजीशन लेते हैं, जिससे आपका कुल जोखिम (Total Risk) नियंत्रित रहता है।

4. ट्रेंड की पुष्टि (Trend Confirmation)

  • बढ़ता हुआ ATR: यह दर्शाता है कि बाज़ार की अस्थिरता बढ़ रही है, अक्सर ट्रेंड के शुरू होने या मौजूदा ट्रेंड के तेज़ होने का संकेत देता है।

  • घटता हुआ ATR: यह बताता है कि बाज़ार शांत हो रहा है, और यह अक्सर एक समेकन (Consolidation) या संभावित ट्रेंड रिवर्सल (Trend Reversal) से पहले होता है।

    • जब ATR बहुत कम हो जाता है, तो ट्रेडर एक नए ब्रेकआउट (Breakout) की उम्मीद करते हैं, क्योंकि कम अस्थिरता के बाद अक्सर उच्च अस्थिरता का दौर आता है।


📉 ATR की Limitations (सीमाएँ)

ATR एक बेहतरीन इंडिकेटर है, लेकिन इसकी अपनी सीमाएँ भी हैं जिन्हें समझना ज़रूरी है:

  • दिशाहीन (Directionless): ATR केवल अस्थिरता को मापता है। यह नहीं बताता कि कीमत किस दिशा में जाएगी। उच्च ATR का मतलब केवल यह हो सकता है कि कीमत तेज़ी से ऊपर या तेज़ी से नीचे गिर रही है।

  • सब्जेक्टिविटी (Subjectivity): ATR के लिए उपयोग की जाने वाली अवधि (जैसे 14) और स्टॉप-लॉस के लिए गुणांक (जैसे 2) पूरी तरह से ट्रेडर पर निर्भर करता है। इसके लिए कोई सार्वभौमिक रूप से "सर्वोत्तम" संख्या नहीं है।

  • अन्य संकेतकों के साथ उपयोग: ATR को अन्य दिशात्मक संकेतकों (जैसे मूविंग एवरेज, RSI, MACD) के साथ संयोजन में सबसे प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाता है ताकि अस्थिरता के साथ-साथ बाजार की दिशा का भी आकलन किया जा सके।

  • यह trend direction नहीं बताता।

  • साइडवेज मार्केट में गलत सिग्नल दे सकता है।

  • केवल ATR पर निर्भर रहना सही नहीं है, इसे अन्य indicators (जैसे RSI, MACD, ADX) के साथ इस्तेमाल करें।


🧠 Pro Tips by राहुल कुमार

  1. ATR को हमेशा price action के साथ जोड़कर देखें।

  2. Intraday traders के लिए 14-period ATR बहुत प्रभावी रहता है।

  3. Stop Loss को ATR के 1.5x या 2x दूरी पर लगाना बेहतर risk management strategy है।

  4. ATR में अचानक उछाल दिखे तो “Breakout या Breakdown” की संभावना मानें।


📚 निष्कर्ष (Conclusion)

Average True Range (ATR) इंडिकेटर एक महत्वपूर्ण टूल है जो आपको मार्केट की असली गति समझने में मदद करता है। यह किसी भी ट्रेडिंग सिस्टम में risk management और volatility analysis का अहम हिस्सा होना चाहिए।

अगर आप ट्रेडिंग में लगातार बेहतर परिणाम चाहते हैं, तो ATR को अपने चार्ट का हिस्सा ज़रूर बनाएं।


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