historical volatility

Historical Volatility (HV) क्या है?

कीमत में बदलाव को मापने का सबसे आसान इंडिकेटर

Historical Volatility शेयर मार्केट का एक महत्वपूर्ण तकनीकी इंडिकेटर है, जो किसी स्टॉक या इंडेक्स की पिछले दिनों में हुई कीमत की स्पीड और उतार-चढ़ाव को मापता है। यह ट्रेडर्स को बताता है कि किसी एसेट ने अतीत में कितना मूव किया और भविष्य में उसकी मूवमेंट कितनी तेज हो सकती है। राहुल कुमार (Stock Market Investor & Digital Creator – Delhi) बताते हैं कि HV को समझकर ट्रेडर अपने एंट्री, एग्जिट और रिस्क मैनेजमेंट को काफी मजबूत बना सकते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि एक शेयर या इंडेक्स (सूचकांक) एक दिन में 5% ऊपर या नीचे क्यों चला जाता है, जबकि दूसरा मुश्किल से 1% हिलता है? यह बाज़ार की चाल, या उतार-चढ़ाव, ही वह प्रमुख कारक है जो निवेश के जोखिम (Risk) और संभावित लाभ (Potential Reward) को परिभाषित करता है। वित्त की दुनिया में, इस उतार-चढ़ाव को मापने के लिए एक शक्तिशाली सांख्यिकीय उपकरण है: ऐतिहासिक अस्थिरता (Historical Volatility - HV)। 

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एक निवेशक के रूप में, बाज़ार की अस्थिरता को समझना सिर्फ़ एक अकादमिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह सूचित (informed) निर्णय लेने, जोखिम का प्रबंधन करने और अपनी ट्रेडिंग रणनीतियों को अनुकूलित करने के लिए एक मूलभूत आवश्यकता है। यह ब्लॉग पोस्ट आपको ऐतिहासिक अस्थिरता की गहराई में ले जाएगा, इसके अर्थ, गणना, उपयोग और निहित अस्थिरता (Implied Volatility - IV) के साथ इसके महत्वपूर्ण अंतर को समझाएगा।


Historical Volatility (HV) क्या है?

Historical Volatility किसी भी स्टॉक के बीते समय के प्राइस मूवमेंट को प्रतिशत के रूप में मापता है। यह दिखाता है कि पिछले 10 दिन, 20 दिन, 30 दिन या 1 साल में उस स्टॉक में कितना उतार-चढ़ाव रहा। ऐतिहासिक अस्थिरता (HV) एक सांख्यिकीय संकेतक है जो एक निर्दिष्ट अवधि में एक सुरक्षा (Security) या बाज़ार सूचकांक के रिटर्न के फैलाव (Dispersion) को मापता है। सीधे शब्दों में कहें, यह आपको बताता है कि किसी संपत्ति की कीमत पिछले एक निश्चित समय (जैसे 30 दिन, 90 दिन, या एक वर्ष) के दौरान अपने औसत मूल्य से कितनी तेज़ी से और कितनी दूर भटकी है।

जोखिम का माप (A Measure of Risk)

HV को अक्सर किसी संपत्ति से जुड़े जोखिम के मुख्य संकेतक के रूप में देखा जाता है।

  • उच्च HV का अर्थ है कि अतीत में कीमत में बड़े और तेज़ उतार-चढ़ाव आए हैं, जो दर्शाता है कि भविष्य में भी इसमें बड़ी कीमत परिवर्तन होने की संभावना अधिक है। इसे एक जोखिम भरी संपत्ति माना जाता है।

  • कम HV का अर्थ है कि कीमत अपेक्षाकृत स्थिर रही है, जो कम कीमत परिवर्तनों का संकेत देता है और इसे कम जोखिम वाली संपत्ति माना जाता है। 

    https://www.fidelity.com/bin-public/600_Fidelity_Com_English/images/migration/HVrising602x345_2024_update.png

दिशा से परे (Beyond Direction)

यह समझना महत्वपूर्ण है कि ऐतिहासिक अस्थिरता कीमत की दिशा नहीं बताती। यह केवल यह मापता है कि कीमतें कितनी अस्थिर हैं। एक स्टॉक जिसकी कीमत लगातार हर दिन 5% ऊपर जाती है, उसकी HV उच्च होगी, लेकिन वह एक मजबूत ऊपर की ओर रुझान (Uptrend) में होगा। उसी तरह, एक स्टॉक जिसकी कीमत हर दिन 5% नीचे जाती है, उसकी भी HV उच्च होगी, लेकिन वह मजबूत नीचे की ओर रुझान (Downtrend) में होगा। HV का फोकस केवल परिवर्तन की दर पर होता है।

👉 Simple Words में:
जितनी तेज कीमत ऊपर-नीचे चलती है, उसकी Historical Volatility उतनी ज्यादा होती है।


Historical Volatility कैसे काम करती है?

Historical Volatility प्राइस के स्टैंडर्ड डिविएशन का उपयोग करके बनती है। यानी यह बताती है कि कीमत अपने औसत से कितना दूर जाती है।

अगर स्टॉक बहुत ज्यादा ऊपर-नीचे होता है → High HV
अगर स्टॉक धीरे और कम मूवमेंट करता है → Low HV

विशेषताऐतिहासिक अस्थिरता (HV)निहित अस्थिरता (IV)
समय की दिशापिछड़ा-दिखने वाला (Backward-Looking)आगे-दिखने वाला (Forward-Looking)
गणना का स्रोतपरिसंपत्ति की पिछली कीमतें (Return History)विकल्प (Option) की वर्तमान बाज़ार कीमत
यह क्या दर्शाता हैअतीत में कीमत में कितना उतार-चढ़ाव आया है।भविष्य में बाज़ार कितनी अस्थिरता की उम्मीद कर रहा है।
प्राथमिक उपयोगजोखिम मूल्यांकन, स्टॉप-लॉस सेट करना, पिछली तुलना।विकल्प का मूल्य निर्धारण, बाज़ार की भावना का आकलन।

Historical Volatility क्यों जरूरी है?

⭐ 1. Market Risk समझने में मदद

अगर किसी स्टॉक की HV ज्यादा है, तो उसमें रिस्क भी ज्यादा है। Low HV वाले स्टॉक्स सुरक्षित माने जाते हैं।

⭐ 2. Option Traders के लिए बहुत Useful

Option Pricing में Volatility सबसे बड़ा रोल निभाती है। HV देखकर आप समझ सकते हैं कि प्रीमियम महंगा है या सस्ता।

⭐ 3. Stop-loss Setting आसान

High HV वाले स्टॉक में बड़ा SL लगेगा।
Low HV वाले स्टॉक में छोटा SL लगेगा।

⭐ 4. Trend Strength का अंदाज़ा

HV ट्रेंड की स्पीड दिखाती है।
ज्यादा HV → तेज ट्रेंड
कम HV → धीमा ट्रेंड


Historical Volatility कैसे Calculate होती है?

Formula:
HV = Standard Deviation of Log Returns × Square Root of 252 × 100

(नोट: 252 ट्रेडिंग दिनों की औसत संख्या होती है)

Example:
अगर किसी स्टॉक की HV = 25% है, इसका मतलब पिछले एक साल में स्टॉक का प्राइस औसतन 25% तक ऊपर-नीचे होता रहा है।


Historical Volatility vs Implied Volatility (IV)

Feature Historical Volatility Implied Volatility
आधार Past movement Market expectations
कौन उपयोग करता है? Traders Options traders
स्थिरता ज्यादा स्थिर जल्दी बदलती
महत्व Risk measure Option pricing

HV = Past
IV = Future expectation

दोनों को साथ देखकर आप बहुत मजबूत ट्रेडिंग निर्णय ले सकते हैं।


Historical Volatility के Signals

1. High HV (अचानक बढ़े)

✔ बाजार में डर या अनिश्चितता
✔ बड़े मूवमेंट आने की संभावना
✔ Options Premium महंगे

2. Low HV (बहुत कम हो)

✔ बाजार शांत
✔ ब्रेकआउट होने की संभावना
✔ Options Premium सस्ते


Historical Volatility का उपयोग कैसे करें?

✔ Intraday Traders

High HV → तेज मूवमेंट वाले स्टॉक्स चुनें
Low HV → Avoid (कम मूवमेंट मिलेगा)

✔ Swing Traders

ब्रेकआउट से पहले Low HV वाले स्टॉक बहुत अच्छे काम करते हैं।

✔ Option Buyers

High HV = premium महंगा
Low HV = Trend आने पर बड़ा लाभ

✔ Option Sellers

Low HV = Premium कम लेकिन Safe
High HV = Risk high, लेकिन premium अच्छा


Conclusion

Historical Volatility मार्केट की स्पीड को समझने में मदद करने वाला एक शानदार इंडिकेटर है। यह ट्रेडर्स को रिस्क मापने, एंट्री-एग्जिट तय करने और सही स्टॉक चुनने में सहायता करता है। अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं, तो HV आपके लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। राहुल कुमार (Stock Market Investor & Digital Creator) इसे अपनी ट्रेडिंग रणनीतियों में अक्सर उपयोग करते हैं। 

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