share market me gamma kya hota hai

 

Gamma शेयर मार्केट में क्या होता है? – एक आसान गाइड

Intro Paragraph
शेयर मार्केट में ऑप्शन ट्रेडिंग (Options Trading) करते समय कई ग्रीक टर्म्स का इस्तेमाल होता है, जिनमें से एक है Gamma (गामा)। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट है जो ट्रेडर को बताता है कि किसी ऑप्शन का Delta (डेल्टा) किस रफ्तार से बदलेगा। अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग सीख रहे हैं या पहले से कर रहे हैं, तो Gamma को समझना आपके लिए बेहद ज़रूरी है। 


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अगर आप शेयर बाज़ार में ट्रेडिंग करते हैं, तो आपने डेल्टा (Delta) और थीटा (Theta) जैसे शब्दों के बारे में सुना होगा, लेकिन एक और महत्वपूर्ण ग्रीक अक्षर है जिसे समझना ज़रूरी है: गामा (Gamma)

सरल शब्दों में, गामा यह बताता है कि डेल्टा कितनी तेज़ी से बदलता है।

यह डेल्टा के लिए एक त्वरक (accelerator) की तरह है। डेल्टा, जैसा कि आप जानते हैं, हमें बताता है कि स्टॉक की कीमत में $1 के बदलाव पर ऑप्शन की कीमत में कितना बदलाव होगा। लेकिन, जब स्टॉक की कीमत में बड़ा बदलाव आता है, तो डेल्टा भी तेज़ी से बदल सकता है। इसी बदलाव की दर को गामा मापता है।


Gamma क्या है?

Gamma एक Options Greek है जो यह बताता है कि जब अंडरलाइंग एसेट (जैसे स्टॉक या इंडेक्स) की कीमत 1 पॉइंट मूव करती है, तो Delta में कितनी तेजी से बदलाव होगा

👉 आसान भाषा में समझें, तो Delta आपको बताता है कि ऑप्शन की कीमत स्टॉक की मूवमेंट से कितना बदलेगी, और Gamma यह बताता है कि Delta कितनी तेज़ी से बदलेगा।


Gamma कैसे काम करता है?

  • अगर किसी कॉल या पुट ऑप्शन का Gamma ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि उसके Delta में तेजी से बदलाव होगा।

  • अगर Gamma कम है, तो Delta में धीरे-धीरे बदलाव होगा।

➡️ यानी Gamma आपको बताता है कि आपका ऑप्शन कितना संवेदनशील (sensitive) है स्टॉक प्राइस के बदलने पर।

मान लीजिए आपके पास एक कॉल ऑप्शन है जिसका डेल्टा 0.50 है और गामा 0.10 है।

  • जब स्टॉक की कीमत $1 बढ़ती है, तो डेल्टा 0.50 से बढ़कर 0.60 हो जाएगा (0.50 + 0.10)।

  • इसका मतलब है कि अब स्टॉक की कीमत में अगले $1 के बदलाव पर, ऑप्शन की कीमत में $0.60 का बदलाव होगा, न कि $0.50 का।

यह दिखाता है कि गामा कैसे डेल्टा को और भी अधिक संवेदनशील बना देता है, खासकर जब स्टॉक की कीमत आपके स्ट्राइक प्राइस के करीब आती है।


Gamma की वैल्यू

  • Gamma हमेशा पॉज़िटिव होती है।

  • At-the-money (ATM) ऑप्शंस में Gamma सबसे ज़्यादा होती है।

  • Deep In-the-money (ITM) और Out-of-the-money (OTM) ऑप्शंस में Gamma कम होती है।


Gamma का उदाहरण

मान लीजिए किसी स्टॉक का कॉल ऑप्शन है:

  • Delta = 0.50

  • Gamma = 0.05

अगर स्टॉक की कीमत 1 पॉइंट बढ़ती है, तो नया Delta = 0.50 + 0.05 = 0.55 हो जाएगा।
यानी अब ऑप्शन प्राइस स्टॉक प्राइस की मूवमेंट पर और तेज़ी से रिएक्ट करेगा।


Gamma का महत्व

1. डेल्टा हेजिंग: अगर आप डेल्टा-न्यूट्रल पोर्टफोलियो बनाए रखना चाहते हैं, तो आपको लगातार अपनी पोज़िशन को समायोजित करना होगा। गामा यह बताता है कि आपको कितनी बार और कितनी तेज़ी से अपनी हेजिंग को बदलना पड़ेगा। उच्च गामा का मतलब है कि डेल्टा बहुत तेज़ी से बदल रहा है, इसलिए आपको अधिक बार अपनी पोज़िशन को बदलना होगा।

2. ऑप्शन की अस्थिरता (Volatility): उच्च अस्थिरता वाले स्टॉक्स में गामा अक्सर अधिक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्टॉक की कीमत में बड़े उतार-चढ़ाव की उम्मीद होती है, जिससे डेल्टा में भी तेज़ बदलाव आता है।

3. समय मूल्य (Time Decay): गामा और थीटा (Theta) का आपस में उल्टा संबंध होता है। जैसे-जैसे ऑप्शन की समाप्ति तिथि नज़दीक आती है, गामा बढ़ता है (खासकर जब स्टॉक की कीमत स्ट्राइक प्राइस के करीब होती है), जबकि थीटा तेज़ी से घटता है। इसका मतलब है कि समाप्ति के करीब, ऑप्शन की कीमत में छोटे से बदलाव का भी बहुत बड़ा असर हो सकता है।

  1. Risk Management (जोखिम प्रबंधन) – यह बताता है कि आपका Delta कितनी जल्दी बदल सकता है।

  2. Trading Strategy – हाई Gamma वाले ऑप्शंस ज्यादा रिस्की होते हैं लेकिन साथ ही ज्यादा मुनाफा भी दे सकते हैं।

  3. Hedging – प्रोफेशनल ट्रेडर्स Gamma को देखकर अपनी हेजिंग स्ट्रेटेजी बनाते हैं।


Gamma Scalping क्या है?

कुछ एडवांस ट्रेडर्स "Gamma Scalping" नाम की स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल करते हैं। इसमें वे Delta में होने वाले बदलाव को कैश करने के लिए बार-बार छोटे-छोटे ट्रेड करते हैं। यह प्रोफेशनल लेवल की तकनीक है और नए ट्रेडर्स के लिए थोड़ी मुश्किल हो सकती है।


निष्कर्ष

Gamma ऑप्शन ट्रेडिंग का एक बहुत ही अहम हिस्सा है। यह आपको बताता है कि Delta कितनी स्पीड से बदलेगा और आपके ऑप्शन की कीमत कितनी संवेदनशील है। अगर आप ट्रेडिंग में नए हैं, तो पहले Delta और Gamma को अच्छे से समझें और उसके बाद ही ऑप्शन ट्रेडिंग में बड़े निर्णय लें।


✅ इस तरह अब आपने जाना कि Gamma शेयर मार्केट में क्या होता है और यह कैसे काम करता है।
अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में और भी जानकारी चाहते हैं, तो जुड़े रहिए मेरे ब्लॉग Money for Investment | शेयर मार्केट | निवेश सलाह के साथ।


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