commodity channel index

    

 Commodity Channel Index (CCI) Indicator क्या है?

Author: राहुल कुमार
Category: Technical Indicators | Stock Market | Trading
Blog: Money for Investment | शेयर मार्केट | निवेश सलाह
Date: 13 नवंबर 2025


Commodity Channel Index (CCI) क्या है?

Commodity Channel Index या CCI Indicator एक प्रसिद्ध momentum-based technical indicator है जिसका उपयोग बाजार की overbought और oversold स्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसे Donald Lambert ने 1980 में विकसित किया था। शुरुआत में इसे commodities (जैसे सोना, चांदी, तेल आदि) के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसे stocks, forex और crypto trading में भी इस्तेमाल किया जाता है। 

commodity channel index

कमोडिटी चैनल इंडेक्स (Commodity Channel Index - CCI) टेक्निकल एनालिसिस की दुनिया में एक बहुत ही शक्तिशाली मोमेंटम-आधारित ऑसिलेटर है। इसे 1980 के दशक में डोनाल्ड लैम्बर्ट द्वारा विकसित किया गया था। शुरुआत में, इसका उपयोग कमोडिटीज़ (वस्तुओं) के चक्रीय पैटर्न की पहचान करने के लिए किया गया था, लेकिन आज यह स्टॉक, इंडेक्स, फॉरेक्स और क्रिप्टोकरेंसी सहित लगभग सभी वित्तीय बाजारों में ट्रेंड और मोमेंटम को मापने के लिए एक बहुमुखी उपकरण बन गया है।

सरल शब्दों में, CCI ट्रेडर को यह बताने में मदद करता है कि किसी एसेट की वर्तमान कीमत उसकी औसत कीमत से कितनी दूर (विचलित) हो गई है। यह एक निश्चित अवधि में प्राइस मोमेंटम की ताकत को मापता है और यह संकेत देता है कि बाजार में 'ओवरबॉट' (Overbought - अत्यधिक खरीद) या 'ओवरसोल्ड' (Oversold - अत्यधिक बिक्री) की स्थिति बन रही है या नहीं। यह जानकारी ट्रेडर को संभावित ट्रेंड रिवर्सल (रुझान पलटने) या नए ट्रेंड की शुरुआत को पहचानने में मदद करती है, जिससे वे अधिक सूचित और समय पर ट्रेडिंग निर्णय ले पाते हैं।


CCI Indicator कैसे काम करता है?

CCI indicator किसी भी security की average price की तुलना उसके typical price से करता है।
Typical Price (TP) = (High + Low + Close) / 3

फिर यह बताता है कि मौजूदा price अपनी average से कितनी ऊपर या नीचे है।
CCI का मान -100 से +100 के बीच होता है, लेकिन कभी-कभी इससे ऊपर या नीचे भी जा सकता है।

Formula:
CCI = (Typical Price – SMA of TP) / (0.015 × Mean Deviation)


CCI Indicator को कैसे पढ़ें?

प्रकारशर्तसंभावित परिणाम
बुलिश डाइवर्जेंसकीमत लोअर लो (Lower Low) बनाती है, लेकिन CCI हायर लो (Higher Low) बनाता है।बेचने का दबाव कमजोर हो रहा है; अपट्रेंड रिवर्सल संभव है।
बेयरिश डाइवर्जेंसकीमत हायर हाई (Higher High) बनाती है, लेकिन CCI लोअर हाई (Lower High) बनाता है।खरीदने का दबाव कमजोर हो रहा है; डाउनट्रेंड रिवर्सल संभव है।
CCI Value Market Condition Action Suggestion
+100 से ऊपर Overbought (Price ज्यादा बढ़ गया) Sell या profit book करें
-100 से नीचे Oversold (Price ज्यादा गिर गया) Buy या entry का मौका
-100 से +100 के बीच Normal zone Wait & Watch

उदाहरण: मान लीजिए कि किसी स्टॉक की कीमत ₹500 से गिरकर ₹480 हो जाती है (एक नया लो), लेकिन इस दौरान CCI की लाइन पहले की तुलना में कम नकारात्मक (जैसे -120 के बजाय -80) होती है। यह बुलिश डाइवर्जेंस है, जो बताता है कि भले ही कीमत गिर गई है, लेकिन बिक्री का मोमेंटम कम हो रहा है, और जल्द ही ऊपर की ओर एक रिवर्सल हो सकता है।


CCI Indicator का उपयोग कैसे करें?

  1. Overbought और Oversold पहचानने में

    • जब CCI +100 से ऊपर जाता है तो market में overbought signal मिलता है।

    • जब CCI -100 से नीचे जाता है तो oversold zone माना जाता है।

  2. Trend Reversal पकड़ने में

    • जब CCI नीचे से ऊपर +100 क्रॉस करे → Uptrend शुरू हो सकता है।

    • जब CCI ऊपर से नीचे -100 क्रॉस करे → Downtrend शुरू होने की संभावना।

  3. Divergence Strategy

    • अगर price नई high बना रही है लेकिन CCI नहीं, तो यह weak momentum का संकेत है।

    • यह अक्सर trend reversal का शुरुआती संकेत होता है।


Trading Example (Intraday या Swing में)

मान लीजिए किसी stock का CCI value +180 दिखा रहा है और कुछ देर बाद गिरना शुरू होता है।
👉 यह संकेत है कि short-term selling pressure बढ़ रहा है।
दूसरी तरफ अगर CCI -120 से ऊपर की ओर उठ रहा है तो इसका मतलब buyers active हो रहे हैं, यानी buy का मौका।


CCI Indicator के फायदे

  • Momentum और price strength दोनों को मापता है

  • Short-term और long-term दोनों traders के लिए उपयोगी

  • Entry और Exit signal जल्दी देता है

  • अन्य indicators (जैसे RSI, MACD, EMA) के साथ मिलाकर accuracy बढ़ाई जा सकती है


CCI Indicator की सीमाएँ (Limitations)

  • High volatility में false signals दे सकता है

  • अकेले CCI पर trade करना risky होता है

  • Confirmation के लिए trend line या volume indicator जरूरी है


CCI को कैसे Combine करें?

👉 CCI + EMA (Exponential Moving Average):
Trend direction और momentum दोनों समझने में मदद मिलती है।

👉 CCI + RSI (Relative Strength Index):
दोनों एक साथ overbought/oversold signals confirm करते हैं।


राहुल कुमार का अनुभव

मैं, राहुल कुमार (Money for Investment), कई सालों से technical analysis और swing trading में CCI का प्रयोग करता हूं। यह indicator खासतौर पर helpful है जब आप range-bound market में quick trades लेना चाहते हैं। लेकिन हर बार indicator पर आंख बंद करके भरोसा न करें — हमेशा price action और risk management के साथ combine करें। 


निष्कर्ष (Conclusion)

Commodity Channel Index (CCI) एक बहुउपयोगी indicator है जो market की speed और strength दोनों दिखाता है। अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह आपको entry और exit दोनों में edge दे सकता है। लेकिन हमेशा confirmation signals और stop loss का पालन करें।


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