Parabolic SAR Indicator क्या है?
Parabolic SAR एक technical analysis indicator है, जिसका इस्तेमाल ट्रेंड की दिशा (trend direction) और एंट्री–एग्जिट पॉइंट पहचानने के लिए किया जाता है। इसे J. Welles Wilder ने बनाया था।चार्ट पर यह dots (बिंदु) के रूप में दिखाई देता है, जो कभी कैंडल के ऊपर और कभी नीचे होते हैं। शेयर बाजार या ट्रेडिंग की दुनिया में 'ट्रेंड' को पहचानना सफलता की पहली सीढ़ी है। अगर आप जानते हैं कि मार्केट कब पलटने वाला है, तो आप भारी नुकसान से बच सकते हैं। यहीं पर Parabolic SAR (Stop and Reverse) काम आता है। यह एक ऐसा शक्तिशाली टेक्निकल इंडिकेटर है जो आपको न केवल ट्रेंड की दिशा बताता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि आपको अपनी पोजीशन कब बंद करनी चाहिए।
इस लेख में, हम Parabolic SAR के बारे में बुनियादी बातों से लेकर एडवांस ट्रेडिंग रणनीतियों तक सब कुछ स्टेप-बाय-स्टेप हिंदी में समझेंगे।
Parabolic SAR Indicator क्या है? (What is Parabolic SAR?)
Parabolic SAR (PSAR) एक ट्रेंड-फॉलोइंग इंडिकेटर है जिसे प्रसिद्ध तकनीकी विश्लेषक J. Welles Wilder Jr. ने विकसित किया था (जिन्होंने RSI और ADX भी बनाए हैं)।
SAR का अर्थ है "Stop and Reverse"।
यह चार्ट पर कीमत के ऊपर या नीचे छोटे डॉट्स (Dots) की एक श्रृंखला के रूप में दिखाई देता है।
इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेंड की दिशा बदलना (Reversal) और सटीक एग्जिट पॉइंट बताना है।
जब डॉट्स कैंडलस्टिक के नीचे होते हैं, तो यह Uptrend (तेजी) का संकेत है। इसके विपरीत, जब डॉट्स कीमत के ऊपर होते हैं, तो यह Downtrend (मंदी) का संकेत देता है।
Parabolic SAR कैसे काम करता है? (How it Works?)
Parabolic SAR का गणित समय और कीमत (Price & Time) दोनों पर आधारित है। यह "परवलयिक" (Parabolic) तरीके से चलता है, जिसका अर्थ है कि जैसे-जैसे ट्रेंड मजबूत होता है, डॉट्स की गति बढ़ती जाती है।
1. डॉट्स की स्थिति (Position of Dots)
Bullish Signal: यदि डॉट्स चार्ट पर कैंडल के नीचे बन रहे हैं, तो बाजार बुलिश है। आपको खरीदारी के मौके ढूंढने चाहिए।
Bearish Signal: यदि डॉट्स चार्ट पर कैंडल के ऊपर बन रहे हैं, तो बाजार बेयरिश है। यहाँ बिकवाली का दबाव होता है।
2. ट्रेंड रिवर्सल (Trend Reversal)
जब डॉट्स अपनी जगह बदलते हैं, तो इसे 'फ्लिप' (Flip) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, यदि डॉट्स ऊपर से नीचे की ओर कूदते हैं, तो यह संकेत है कि मंदी खत्म हो रही है और तेजी शुरू होने वाली है।
Parabolic SAR की सेटिंग्स (Best Settings)
किसी भी इंडिकेटर की प्रभावशीलता उसकी सेटिंग्स पर निर्भर करती है। ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (जैसे Zerodha, TradingView) पर आपको डिफ़ॉल्ट रूप से ये सेटिंग्स मिलती हैं:
| पैरामीटर | डिफ़ॉल्ट वैल्यू | विवरण |
| Step (AF) | 0.02 | यह तय करता है कि डॉट्स कितनी तेजी से कीमत के पास आएंगे। |
| Maximum Step | 0.20 | यह त्वरण (Acceleration) की अधिकतम सीमा है। |
प्रो टिप: * Intraday Trading: के लिए आप स्टेप को 0.03 कर सकते हैं ताकि यह अधिक संवेदनशील (Sensitive) हो जाए।
Swing Trading: के लिए डिफ़ॉल्ट 0.02 ही सबसे अच्छा काम करता है।
स्टेप-बाय-स्टेप ट्रेडिंग रणनीति (Trading Strategy Step-by-Step)
Parabolic SAR का उपयोग करके ट्रेड लेने के लिए इन चरणों का पालन करें:
स्टेप 1: ट्रेंड की पहचान करें
सबसे पहले देखें कि डॉट्स कहाँ हैं। यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, तो डेली चार्ट देखें। यदि इंट्राडे कर रहे हैं, तो 5 या 15 मिनट का चार्ट चुनें।
स्टेप 2: एंट्री पॉइंट (Buy/Sell)
Buy कब करें: जब डॉट्स कैंडल के ऊपर से नीचे की ओर शिफ्ट हों। पहली "नीचे वाली डॉट" आपकी खरीदारी का संकेत है।
Sell कब करें: जब डॉट्स नीचे से ऊपर की ओर शिफ्ट हों। पहली "ऊपर वाली डॉट" आपकी बिकवाली का संकेत है।
स्टेप 3: ट्रेलिंग स्टॉप लॉस (Trailing Stop Loss)
Parabolic SAR की सबसे बड़ी खूबी यही है। हर नई डॉट आपके लिए एक नया स्टॉप लॉस लेवल है। जैसे-जैसे डॉट्स ऊपर बढ़ें, आप अपना स्टॉप लॉस भी ऊपर खिसकाते रहें। इससे आप अपने मुनाफे को सुरक्षित (Lock-in) कर पाते हैं।
Parabolic SAR की सीमाएं (Limitations)
दुनिया का कोई भी इंडिकेटर 100% सटीक नहीं होता। Parabolic SAR की भी कुछ कमियां हैं:
Sideways Market: जब मार्केट एक दायरे में फंसा होता है (Range-bound), तो यह इंडिकेटर बहुत सारे गलत संकेत (False Signals) देता है।
Whipsaws: तेजी से ऊपर-नीचे होने वाले बाजार में यह आपको बार-बार एंट्री-एग्जिट करा सकता है जिससे ब्रोकरेज का खर्च बढ़ जाता है।
अन्य इंडिकेटर्स के साथ कॉम्बिनेशन
सिर्फ Parabolic SAR पर भरोसा करने के बजाय, इसे अन्य टूल्स के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए:
Moving Average (MA): यदि कीमत 200 EMA के ऊपर है और SAR बुलिश सिग्नल दे रहा है, तो यह एक बहुत मजबूत 'Buy' सिग्नल है।
RSI (Relative Strength Index): यदि SAR बाय सिग्नल दे और RSI 50 के ऊपर हो, तो कन्फर्मेशन बढ़ जाता है।
ADX: यह ट्रेंड की मजबूती बताता है। यदि ADX 25 से ऊपर है, तभी Parabolic SAR के संकेतों पर भरोसा करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
Parabolic SAR एक बेहतरीन टूल है, खासकर उन ट्रेडर्स के लिए जो ट्रेंड के साथ चलना पसंद करते हैं। यह आपको इमोशनल होने से बचाता है क्योंकि एग्जिट पॉइंट डॉट्स के रूप में बिल्कुल साफ नजर आते हैं। हालांकि, इसे हमेशा वॉल्यूम और सपोर्ट-रेजिस्टेंस के साथ इस्तेमाल करना चाहिए।
जरूरी सूचना: किसी भी नई रणनीति को असली पैसों से आजमाने से पहले कम से कम 20-30 बार 'Paper Trading' जरूर करें।

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