Delta क्या होता है शेयर मार्केट में? – एक आसान गाइड
शेयर मार्केट में डेल्टा क्या होता है?
शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते समय आपने डेल्टा (Delta) शब्द कई बार सुना होगा, खासकर अगर आप ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं। यह एक ग्रीक अक्षर है जिसे ऑप्शन की दुनिया में "संवेदनशीलता का पैमाना" कहा जाता है। इसे आसान भाषा में समझें तो डेल्टा यह बताता है कि किसी स्टॉक की कीमत में बदलाव होने पर आपके ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट की कीमत में कितना बदलाव आएगा।
Delta क्या है?
Delta (Δ) एक मापन (Measure) है जो बताता है कि जब underlying stock (जैसे Nifty, Reliance या Infosys) की कीमत ₹1 बदलती है, तो Option Premium कितने पॉइंट बदल जाएगा।
डेल्टा एक संख्या है जो 0 से 1 (कॉल ऑप्शन के लिए) और 0 से -1 (पुट ऑप्शन के लिए) के बीच होती है। यह मापती है कि जब अंडरलाइंग एसेट (जैसे कोई शेयर या इंडेक्स) की कीमत में $1 का बदलाव होता है, तो आपके ऑप्शन प्रीमियम की कीमत में कितने पॉइंट का बदलाव होगा।
उदाहरण के लिए:
मान लीजिए आप ₹1000 के स्टॉक का एक कॉल ऑप्शन खरीदते हैं जिसका डेल्टा 0.60 है।
अगर इस स्टॉक की कीमत बढ़कर ₹1001 हो जाती है, तो आपके ऑप्शन का प्रीमियम ₹0.60 बढ़ जाएगा।
इसी तरह, अगर स्टॉक की कीमत घटकर ₹999 हो जाती है, तो प्रीमियम ₹0.60 घट जाएगा।
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अगर Delta = 0.5 है → स्टॉक ₹1 बढ़ने पर Option Premium ₹0.50 बढ़ेगा।
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अगर Delta = -0.4 है → स्टॉक ₹1 गिरने पर Option Premium ₹0.40 बढ़ेगा।
Delta की Range
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Call Option Delta → 0 से +1 के बीच
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Put Option Delta → 0 से -1 के बीच
| Option Type | Delta Range | Example |
|---|---|---|
| Call Option | 0 से +1 | Delta = 0.6 → स्टॉक +₹1 तो Premium +₹0.60 |
| Put Option | 0 से -1 | Delta = -0.4 → स्टॉक -₹1 तो Premium +₹0.40 |
डेल्टा, कॉल और पुट ऑप्शन के लिए
डेल्टा कॉल और पुट ऑप्शन के लिए अलग-अलग होता है।
कॉल ऑप्शन (Call Option) का डेल्टा: इसका डेल्टा हमेशा सकारात्मक (positive) होता है, जो 0 और 1 के बीच होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब स्टॉक की कीमत बढ़ती है, तो कॉल ऑप्शन की कीमत भी बढ़ती है।
पुट ऑप्शन (Put Option) का डेल्टा: इसका डेल्टा हमेशा नकारात्मक (negative) होता है, जो 0 और -1 के बीच होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब स्टॉक की कीमत घटती है, तो पुट ऑप्शन की कीमत बढ़ती है।
Delta का उपयोग क्यों ज़रूरी है?
डेल्टा का उपयोग केवल कीमत की संवेदनशीलता जानने तक सीमित नहीं है। यह ट्रेडर्स के लिए एक शक्तिशाली टूल है।
जोखिम प्रबंधन (Risk Management): डेल्टा आपको बताता है कि आपकी पोजीशन कितनी जोखिम भरी है। यदि आप उच्च डेल्टा वाला ऑप्शन खरीदते हैं, तो आप जानते हैं कि छोटे मूल्य बदलाव से भी आपके प्रीमियम में बड़ा बदलाव आ सकता है, जिससे आपका लाभ या हानि दोनों तेज़ी से हो सकते हैं।
हेजिंग (Hedging): कई बड़े ट्रेडर्स और फंड मैनेजर डेल्टा का उपयोग अपने पोर्टफोलियो को हेज करने के लिए करते हैं। वे अपने ओवरऑल डेल्टा को शून्य के करीब रखने की कोशिश करते हैं ताकि वे बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहें।
संभावना का अनुमान (Probability Estimate): कुछ ट्रेडर्स डेल्टा को इस संभावना के रूप में भी देखते हैं कि कोई ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी पर इन-द-मनी समाप्त होगा। उदाहरण के लिए, 0.30 डेल्टा वाले कॉल ऑप्शन का मतलब है कि इसके इन-द-मनी समाप्त होने की 30% संभावना है।
डेल्टा और ऑप्शन की "मनीनेस" (Moneyness)
डेल्टा ऑप्शन की "मनीनेस" पर निर्भर करता है। यह तीन प्रकार की होती है:
इन-द-मनी (In-the-Money - ITM) ऑप्शन: इन ऑप्शन का डेल्टा 0.50 के करीब या उससे ज्यादा होता है। ITM कॉल ऑप्शन का डेल्टा 1 के करीब और ITM पुट ऑप्शन का डेल्टा -1 के करीब होता है। ये ऑप्शन स्टॉक की कीमत में बदलाव के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं।
एट-द-मनी (At-the-Money - ATM) ऑप्शन: इन ऑप्शन का डेल्टा आमतौर पर 0.50 के आसपास होता है। ये वे ऑप्शन होते हैं जिनकी स्ट्राइक प्राइस मौजूदा स्टॉक प्राइस के बहुत करीब होती है।
आउट-ऑफ-द-मनी (Out-of-the-Money - OTM) ऑप्शन: इन ऑप्शन का डेल्टा 0.50 से कम होता है, जो 0 के करीब होता है। ये ऑप्शन स्टॉक की कीमत में बदलाव के प्रति कम संवेदनशील होते हैं, क्योंकि इनके इन-द-मनी होने की संभावना कम होती है।
ATM, ITM और OTM में Delta
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ATM (At The Money) Call/Put → Delta लगभग 0.5 या -0.5
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ITM (In The Money) Call → Delta 1 के करीब
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ITM (In The Money) Put → Delta -1 के करीब
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OTM (Out of The Money) Options → Delta 0 के करीब
Example से समझें
मान लीजिए आपने Reliance का Call Option लिया है:
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Delta = 0.6
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अगर Reliance का शेयर ₹1 बढ़ा → Option Premium ₹0.60 बढ़ जाएगा।
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अगर Reliance का शेयर ₹5 बढ़ा → Option Premium ₹3 बढ़ जाएगा।
निष्कर्ष
Delta Options Trading का एक ऐसा टूल है जो आपको बताता है कि Market Move होने पर आपका Option कितना Change होगा। अगर आप Options Buyer हैं, तो Delta से आपको अंदाज़ा लगेगा कि Profit कितनी तेजी से होगा। वहीं Option Sellers Delta Hedge का इस्तेमाल करके Risk Manage कर सकते हैं।



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