Net Volume Indicator Strategy
अगर आप शेयर मार्केट में Volume आधारित Trading Strategy सीखना चाहते हैं, तो Net Volume Indicator आपके लिए एक बहुत ही उपयोगी टूल साबित हो सकता है। यह इंडिकेटर खास तौर पर यह समझने में मदद करता है कि मार्केट में खरीद (Buying Pressure) ज़्यादा है या बिक्री (Selling Pressure)। इस ब्लॉग पोस्ट में हम Net Volume Indicator को सरल भाषा, SEO & AI Friendly तरीके, और Step by Step Strategy के साथ समझेंगे। आज के दौर में स्टॉक मार्केट या क्रिप्टो ट्रेडिंग में सफल होने के लिए सिर्फ चार्ट देखना काफी नहीं है। आपको बाजार की "पल्स" यानी कि वॉल्यूम को समझना होगा। Net Volume Indicator एक ऐसा शक्तिशाली टूल है जो आपको यह बताता है कि बाजार में असली खिलाड़ी (Buyers या Sellers) क्या कर रहे हैं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि नेट वॉल्यूम इंडिकेटर क्या है और आप इसे अपनी ट्रेडिंग रणनीति में कैसे शामिल कर सकते हैं।
Net Volume Indicator क्या है?
Net Volume Indicator एक ऐसा टेक्निकल इंडिकेटर है जो किसी स्टॉक या इंडेक्स में होने वाली Total Buying Volume और Selling Volume का अंतर दिखाता है। जब खरीदारी की मात्रा ज़्यादा होती है, तो Net Volume पॉजिटिव होता है और जब बिकवाली ज़्यादा होती है, तो यह नेगेटिव हो जाता है। नेट वॉल्यूम इंडिकेटर एक टेक्निकल एनालिसिस टूल है जो किसी निश्चित समय अवधि (Time Period) के दौरान हुई खरीदारी और बिकवाली के बीच के अंतर को मापता है। सामान्य वॉल्यूम इंडिकेटर केवल यह बताता है कि कितने शेयर ट्रेड हुए, लेकिन नेट वॉल्यूम यह स्पष्ट करता है कि उनमें से कितने शेयर 'Uptick' (बढ़ते दाम) पर थे और कितने 'Downtick' (घटते दाम) पर।
इसका मुख्य उद्देश्य मार्केट सेंटीमेंट को समझना है। यदि नेट वॉल्यूम पॉजिटिव है, तो इसका मतलब है कि खरीदार हावी हैं। यदि यह नेगेटिव है, तो विक्रेता (Sellers) बाजार को नीचे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
सरल शब्दों में कहें तो यह इंडिकेटर बताता है कि मार्केट के पीछे असली ताकत किसकी है – Buyers या Sellers की।
Net Volume Indicator कैसे काम करता है?
Net Volume Indicator हर कैंडल के Volume को देखता है और यह तय करता है कि वह Volume Buy Side का है या Sell Side का।
Green/Positive Net Volume → Buyers मजबूत
Red/Negative Net Volume → Sellers मजबूत
यह इंडिकेटर खासकर तब काम आता है जब प्राइस कन्फ्यूजिंग हो लेकिन वॉल्यूम साफ इशारा दे रहा हो।
AI और आधुनिक चार्टिंग सॉफ्टवेयर जैसे TradingView इसे स्वचालित रूप से कैलकुलेट करते हैं, लेकिन इसकी बुनियादी समझ होना जरूरी है। इसका सरल गणित इस प्रकार है:
Uptick Volume: वह वॉल्यूम जब कीमत पिछली कीमत से अधिक पर ट्रेड होती है।
Downtick Volume: वह वॉल्यूम जब कीमत पिछली कीमत से कम पर ट्रेड होती है।
यदि किसी दिन 10,000 शेयरों का ट्रेड हुआ, जिसमें से 7,000 Uptick थे और 3,000 Downtick, तो आपका Net Volume +4,000 होगा। यह एक बुलिश संकेत है।
Net Volume Indicator क्यों ज़रूरी है?
अक्सर देखा जाता है कि प्राइस थोड़ी देर के लिए ऊपर-नीचे होता है लेकिन वॉल्यूम कुछ और ही कहानी कह रहा होता है। Net Volume Indicator हमें यह समझने में मदद करता है कि Price Move के पीछे असली सपोर्ट है या नहीं।
यह इंडिकेटर:
Fake Breakout से बचाता है
Smart Money की दिशा बताता है
Entry और Exit को बेहतर बनाता है
Net Volume Indicator कहाँ सबसे ज़्यादा उपयोगी है?
Net Volume Indicator लगभग सभी टाइमफ्रेम पर काम करता है, लेकिन इसका सबसे अच्छा उपयोग निम्न में होता है:
Intraday Trading (5 min, 15 min)
Swing Trading (1H, 4H)
खासतौर पर Intraday में यह इंडिकेटर बहुत साफ सिग्नल देता है।
Net Volume Indicator Strategy (Step by Step)
Step 1: सही Timeframe चुनें
सबसे पहले अपने ट्रेडिंग स्टाइल के अनुसार टाइमफ्रेम चुनें। Intraday के लिए 5 या 15 मिनट और Swing Trading के लिए 1 घंटा बेहतर रहता है। सही टाइमफ्रेम लेने से फालतू सिग्नल कम होते हैं।
Step 2: Net Volume Indicator को Chart पर Apply करें
अपने चार्टिंग प्लेटफॉर्म (जैसे TradingView) पर Net Volume Indicator जोड़ें। यह आमतौर पर प्राइस चार्ट के नीचे Histogram या Line के रूप में दिखता है।
Indicator लगाते ही आपको हर कैंडल के साथ Volume का Direction साफ दिखने लगेगा।
Step 3: Positive Net Volume पर Buy Signal
जब प्राइस साइडवेज या थोड़ा नीचे हो लेकिन Net Volume लगातार Positive बन रहा हो, तो यह एक मजबूत Buy Signal माना जाता है। इसका मतलब है कि Smart Buyers धीरे-धीरे एंट्री ले रहे हैं।
यह रणनीति खासकर Breakout से पहले बहुत अच्छा काम करती है।
Step 4: Negative Net Volume पर Sell Signal
अगर प्राइस ऊपर जा रहा है लेकिन Net Volume Negative बन रहा है, तो यह Warning Signal है। इसका मतलब है कि ऊपर की मूवमेंट में असली ताकत नहीं है और गिरावट आ सकती है।
यहाँ आप Sell या Profit Booking की तैयारी कर सकते हैं।
Step 5: Price + Net Volume Confirmation
केवल Net Volume पर ट्रेड न लें। हमेशा इसे Price Action, Support-Resistance या Moving Average के साथ कन्फर्म करें।
जब प्राइस और Net Volume दोनों एक ही दिशा में हों, तब सिग्नल सबसे ज़्यादा भरोसेमंद होता है।
Net Volume Indicator के साथ Best Combination
Net Volume Indicator अकेले भी अच्छा है, लेकिन कुछ इंडिकेटर्स के साथ मिलकर यह और पावरफुल हो जाता है:
VWAP – Intraday Confirmation के लिए
20 EMA / 50 EMA – Trend Direction समझने के लिए
RSI – Overbought/Oversold कन्फर्मेशन के लिए
Combination से False Signals काफी हद तक कम हो जाते हैं।
Net Volume Indicator के फायदे
Market Sentiment साफ दिखता है
Fake Breakout पकड़ में आते हैं
Intraday Trading में Accuracy बढ़ती है
Smart Money Activity समझने में मदद
Net Volume Indicator की सीमाएँ
Low Volume Stocks में सही काम नहीं करता
News या Event के समय False Signal दे सकता है
अकेले इस्तेमाल करने पर Risk बढ़ सकता है
इसलिए हमेशा Risk Management ज़रूरी है।
Risk Management (बहुत ज़रूरी)
हर ट्रेड में:
Stop Loss ज़रूर लगाएँ
एक ट्रेड में 1–2% से ज़्यादा Risk न लें
Over Trading से बचें
याद रखें, Strategy से ज़्यादा ज़रूरी Discipline होता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Net Volume Indicator एक शानदार टूल है जो आपको Market के अंदर की असली ताकत दिखाता है। अगर आप इसे Step by Step Strategy, सही Confirmation और Risk Management के साथ इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपकी Trading को काफी बेहतर बना सकता है।
लेकिन कोई भी Indicator 100% सही नहीं होता, इसलिए Practice और Patience बहुत ज़रूरी है।

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