Relative Vigor Index (RVI) क्या है?
ट्रेडिंग की दुनिया में सही समय पर एंट्री और एग्जिट करना ही सफलता की कुंजी है। इसके लिए ट्रेडर्स कई तरह के टेक्निकल इंडिकेटर्स का उपयोग करते हैं। इन्हीं में से एक शक्तिशाली इंडिकेटर है Relative Vigor Index (RVI)। यदि आप स्टॉक मार्केट, फॉरेक्स या क्रिप्टो में ट्रेडिंग करते हैं, तो RVI आपकी निर्णय लेने की क्षमता को काफी बेहतर बना सकता है। इस ब्लॉग में हम RVI के बारे में विस्तार से जानेंगे। शेयर मार्केट और ट्रेडिंग में सही समय पर Buy और Sell का फैसला लेना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी काम को आसान बनाने के लिए कई टेक्निकल इंडिकेटर्स बनाए गए हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर है Relative Vigor Index (RVI)।
इस ब्लॉग में हम RVI Indicator को बिल्कुल आसान भाषा में, Step by Step समझेंगे ताकि आप इसे Intraday, Swing और Short Term Trading में सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें।
1. Relative Vigor Index (RVI) क्या है?
Relative Vigor Index (RVI) एक Momentum Oscillator है, जिसे डोनाल्ड डोरसी (Donald Dorsey) द्वारा विकसित किया गया था। यह इंडिकेटर मुख्य रूप से इस अवधारणा पर आधारित है कि एक बुलिश ट्रेंड (Uptrend) में, किसी एसेट की क्लोजिंग प्राइस आमतौर पर उसकी ओपनिंग प्राइस से अधिक होती है। इसके विपरीत, एक बेयरिश ट्रेंड (Downtrend) में क्लोजिंग प्राइस अक्सर ओपनिंग प्राइस से कम होती है।
RVI का मुख्य उद्देश्य ट्रेंड की मजबूती को मापना और संभावित रिवर्सल (Reversal) की पहचान करना है। यह अन्य ऑसिलेटर्स जैसे RSI (Relative Strength Index) और Stochastic Oscillator के समान दिखता है, लेकिन इसके काम करने का तरीका थोड़ा अलग है क्योंकि यह मुख्य रूप से ओपन और क्लोज प्राइस के संबंधों पर ध्यान केंद्रित करता है। Relative Vigor Index एक Momentum Based Technical Indicator है, जो यह बताता है कि बाजार में तेजी (Bullish) ज्यादा मजबूत है या मंदी (Bearish)।
इसका बेसिक कॉन्सेप्ट यह है कि:
Bullish Market में Close Price, Open Price से ऊपर रहता है
Bearish Market में Close Price, Open Price से नीचे रहता है
RVI इसी अंतर (Close – Open) को देखकर बाजार की ताकत (Vigor) को मापता है।
2. RVI इंडिकेटर कैसे काम करता है?
RVI इंडिकेटर चार्ट पर दो लाइनों के रूप में दिखाई देता है:
RVI Line (Main Line): यह मुख्य मोमेंटम लाइन है।
Signal Line: यह RVI लाइन का एक स्मूथ वर्जन (Moving Average) होता है, जिसका उपयोग क्रॉसओवर सिग्नल देने के लिए किया जाता है।
यह इंडिकेटर एक Centerline (Zero Line) के ऊपर और नीचे ऑसिलेट करता है। जब RVI लाइन जीरो से ऊपर होती है, तो यह बाजार में तेजी (Bullishness) का संकेत देती है। जब यह जीरो से नीचे होती है, तो यह मंदी (Bearishness) का संकेत होती है। इसकी गणना में प्राइस रेंज ($High - Low$) और क्लोज-ओपन गैप का उपयोग किया जाता है ताकि बाजार के वास्तविक 'उत्साह' (Vigor) को मापा जा सके।
3. RVI का गणित: फार्मूला (The Formula)
हालांकि अधिकांश ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसे TradingView या MetaTrader पर यह पहले से सेट होता है, लेकिन इसकी गणना समझना जरूरी है। RVI का बुनियादी फार्मूला $RVI = \frac{Close - Open}{High - Low}$ है।
अधिक सटीक परिणामों के लिए इसे 10 या 14 पीरियड के अंतराल पर कैलकुलेट किया जाता है। इसका विस्तृत गणितीय रूप कुछ इस प्रकार है:
यहाँ $a, b, c, d$ वर्तमान और पिछली कैंडल्स के ($Close - Open$) अंतर को दर्शाते हैं, जबकि $e, f, g, h$ उनकी ($High - Low$) रेंज को।
RVI का फॉर्मूला थोड़ा टेक्निकल है, लेकिन समझना आसान है:
RVI = Smoothed (Close – Open) / Smoothed (High – Low)
👉 यहाँ Smoothed का मतलब है कि इसमें Moving Average का इस्तेमाल किया जाता है ताकि Noise कम हो जाए।
Simple शब्दों में:
RVI यह देखता है कि प्राइस किस दिशा में और कितनी ताकत के साथ चल रहा है।
4. RVI बनाम RSI: दोनों में क्या अंतर है?
कई शुरुआती ट्रेडर्स RVI और RSI में भ्रमित हो जाते हैं। RSI (Relative Strength Index) मुख्य रूप से कीमतों के परिमाण (Magnitude) और गति (Speed) को मापता है ताकि ओवरबॉट और ओवरसोल्ड जोन का पता लगाया जा सके।
दूसरी ओर, RVI यह देखता है कि क्लोजिंग प्राइस अपने ट्रेडिंग रेंज के मुकाबले कहाँ स्थित है। RVI को "RSI का चचेरा भाई" भी कहा जाता है, लेकिन यह स्थिरता और ट्रेंड की निरंतरता (Continuity) पर अधिक ध्यान देता है। जहाँ RSI 0 से 100 के बीच रहता है, वहीं RVI जीरो लाइन के चारों ओर घूमता है।
5. Relative Vigor Index में Buy Signal
जब:
-
RVI Line नीचे से ऊपर की तरफ
-
Signal Line को Cross करे
👉 तब यह Bullish Signal (Buy Signal) माना जाता है।
इसका मतलब है कि बाजार में तेजी की ताकत बढ़ रही है और प्राइस ऊपर जा सकता है।
Relative Vigor Index में Sell Signal
जब:
-
RVI Line ऊपर से नीचे की तरफ
-
Signal Line को Cross करे
👉 तब यह Bearish Signal (Sell Signal) माना जाता है।
इसका मतलब है कि बाजार में कमजोरी आ रही है और प्राइस गिर सकता है।
6. RVI के साथ ट्रेडिंग रणनीतियाँ (Trading Strategies)
RVI का उपयोग करने के तीन मुख्य तरीके हैं। आइए इन्हें स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं:
Step 1: RVI क्रॉसओवर (Crossover)
यह सबसे लोकप्रिय रणनीति है। जब RVI Line (ग्रीन लाइन) नीचे से Signal Line (रेड लाइन) को काटती है, तो यह एक 'Buy' सिग्नल है। इसके विपरीत, जब RVI लाइन ऊपर से सिग्नल लाइन को काटती है, तो यह 'Sell' सिग्नल है।
Step 2: Divergence (डायवर्जेंस) की पहचान
डायवर्जेंस तब होता है जब प्राइस चार्ट और RVI इंडिकेटर अलग-अलग दिशा में चलते हैं।
Bullish Divergence: प्राइस नया लो (Lower Low) बना रहा है, लेकिन RVI ऊपर की ओर (Higher Low) जा रहा है। यह संकेत है कि मंदी खत्म होने वाली है।
Bearish Divergence: प्राइस नया हाई (Higher High) बना रहा है, लेकिन RVI नीचे की ओर (Lower High) जा रहा है। यह संकेत है कि तेजी थमने वाली है।
Step 3: जीरो लाइन कन्फर्मेशन
जीरो लाइन का उपयोग ट्रेंड फिल्टर के रूप में करें। केवल तभी लॉन्ग (Buy) पोजीशन लें जब RVI जीरो लाइन से ऊपर हो, और केवल तभी शॉर्ट (Sell) पोजीशन लें जब यह जीरो से नीचे हो।
7. RVI के फायदे और सीमाएं
फायदे:
यह ट्रेंडिंग मार्केट में बहुत सटीक सिग्नल देता है।
शोर (Market Noise) को कम करने के लिए इसमें स्मूथिंग एल्गोरिदम का उपयोग होता है।
इसे अन्य इंडिकेटर्स जैसे Bollinger Bands या MACD के साथ आसानी से मिलाया जा सकता है।
सीमाएं:
साइडवेज या चॉपी मार्केट (Rangebound Market) में यह कई 'False Signals' दे सकता है।
यह एक लैगिंग इंडिकेटर है, यानी प्राइस मूव होने के बाद सिग्नल मिलता है।
8. निष्कर्ष (Conclusion)
Relative Vigor Index (RVI) एक उत्कृष्ट टूल है जो आपको बाजार की 'ताकत' समझने में मदद करता है। हालांकि, किसी भी प्रोफेशनल ट्रेडर की तरह, आपको सिर्फ एक इंडिकेटर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। RVI को प्राइस एक्शन और वॉल्यूम के साथ जोड़कर इस्तेमाल करने पर यह आपकी विनिंग रेट (Win Rate) को 60-70% तक बढ़ा सकता है।



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