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Relative Volatility Index (RVI)

शेयर बाजार में सफलता के लिए केवल ट्रेंड को पहचानना काफी नहीं है, बल्कि बाजार की 'घबराहट' यानी Volatility को समझना भी उतना ही जरूरी है। डोनाल्ड डोरसी (Donald Dorsey) द्वारा 1993 में विकसित किया गया Relative Volatility Index (RVI) एक ऐसा ही शक्तिशाली तकनीकी संकेतक (Technical Indicator) है। यह न केवल आपको बाजार की दिशा बताता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि उस दिशा में कितनी ताकत है। आज के इस विस्तृत ब्लॉग में हम RVI के हर पहलू को बारीकी से समझेंगे। 

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Relative Volatility Index (RVI) क्या है?

Relative Volatility Index एक मोमेंटम इंडिकेटर है जो यह मापता है कि बाजार में अस्थिरता (volatility) किस दिशा में जा रही है। सरल शब्दों में, यह आपको बताता है कि क्या ऊपर की ओर जाने वाली हलचल (Upside Volatility) नीचे की ओर जाने वाली हलचल (Downside Volatility) से अधिक है। हालांकि यह देखने में RSI (Relative Strength Index) जैसा लगता है, लेकिन इसकी गणना करने का तरीका बहुत अलग और एडवांस है।

RVI और RSI के बीच मुख्य अंतर

कई नए ट्रेडर्स RVI और RSI के बीच भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि दोनों का स्केल 0 से 100 के बीच होता है। मुख्य अंतर यह है कि RSI केवल कीमत के बदलाव (Price Changes) को मापता है, जबकि RVI मानक विचलन (Standard Deviation) का उपयोग करता है। Standard Deviation का उपयोग करने के कारण RVI बाजार की अस्थिरता को अधिक गहराई से समझ पाता है, जिससे यह ट्रेंड कन्फर्मेशन के लिए एक बेहतर टूल बन जाता है। 


RVI की गणना (Formula) कैसे की जाती है?

RVI की गणना थोड़ी जटिल हो सकती है, लेकिन आधुनिक ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर इसे आपके लिए स्वचालित रूप से करते हैं। इसके पीछे का मुख्य सिद्धांत यह है कि यह एक निश्चित अवधि (आमतौर पर 10 या 14 दिन) के दौरान कीमतों के मानक विचलन को ट्रैक करता है।

इसका मूल फॉर्मूला कुछ इस प्रकार है:

$$RVI = 100 \times \left( \frac{U_{sum}}{U_{sum} + D_{sum}} \right)$$

जहाँ:

  • $U_{sum}$: ऊपर जाने वाली अस्थिरता का औसत योग।

  • $D_{sum}$: नीचे जाने वाली अस्थिरता का औसत योग।

Relative Volatility Index का महत्व

ट्रेडिंग की दुनिया में अस्थिरता को मापना जोखिम प्रबंधन (Risk Management) के लिए बहुत जरूरी है। RVI आपको यह संकेत देता है कि क्या मौजूदा ट्रेंड में दम बचा है या नहीं। यदि मार्केट ऊपर जा रहा है और RVI भी 50 के ऊपर है, तो इसका मतलब है कि बुल्स (Buyers) का दबदबा मजबूत है। यह ट्रेडर्स को गलत संकेतों (False Signals) से बचाने में मदद करता है। 


RVI सेटिंग्स: सबसे सटीक अवधि कौन सी है?

ज्यादातर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर RVI की डिफॉल्ट सेटिंग 10 या 14 पीरियड्स की होती है। 10-पीरियड RVI उन ट्रेडर्स के लिए अच्छा है जो शॉर्ट-टर्म या स्विंग ट्रेडिंग करते हैं। वहीं, 14-पीरियड सेटिंग बाजार के शोर (Market Noise) को कम करती है और अधिक स्थिर सिग्नल देती है। आप अपनी ट्रेडिंग स्टाइल के अनुसार इसे बदल सकते हैं, लेकिन शुरुआत में डिफॉल्ट सेटिंग्स ही सबसे सुरक्षित रहती हैं।

RVI को कैसे पढ़ें? (Step-by-Step Interpretation)

RVI को समझना बहुत आसान है क्योंकि यह 0 से 100 के बीच झूलता रहता है:

  1. 50 का स्तर (The Midline): यदि RVI 50 से ऊपर है, तो यह माना जाता है कि 'Upside Volatility' अधिक है। यदि यह 50 से नीचे है, तो 'Downside Volatility' अधिक है।

  2. Overbought (80+): जब RVI 80 के ऊपर चला जाता है, तो बाजार बहुत अधिक अस्थिर और महंगा हो सकता है, जहाँ से गिरावट की संभावना होती है।

  3. Oversold (20-): जब RVI 20 से नीचे गिर जाता है, तो बाजार में जरूरत से ज्यादा बिकवाली हो चुकी होती है और यहाँ से उछाल आ सकता है।


RVI के साथ ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी (Practical Trading Strategies)

केवल इंडिकेटर को देखना काफी नहीं है, उसे सही रणनीति के साथ इस्तेमाल करना ही मुनाफा देता है। यहाँ कुछ लोकप्रिय रणनीतियाँ दी गई हैं:

1. ट्रेंड कन्फर्मेशन स्ट्रेटेजी

जब आप Moving Average Crossover या किसी अन्य सिग्नल का उपयोग कर रहे हों, तो RVI का उपयोग पुष्टि के लिए करें। उदाहरण के लिए, यदि Moving Average 'Buy' सिग्नल देता है, तो तभी ट्रेड लें जब RVI भी 50 के ऊपर हो।

2. RVI और RSI कॉम्बो

RSI आपको मोमेंटम बताता है और RVI आपको अस्थिरता। जब दोनों इंडिकेटर एक ही दिशा में संकेत दें, तो उस ट्रेड के सफल होने की संभावना 80% तक बढ़ जाती है।

3. डाइवर्जेंस (Divergence) का पता लगाना

कभी-कभी कीमत नई ऊंचाई (New High) बनाती है, लेकिन RVI पिछला हाई नहीं तोड़ पाता। इसे Bearish Divergence कहते हैं, जो आने वाली गिरावट का संकेत है। इसके विपरीत, Bullish Divergence तेजी का संकेत देता है।

इंट्राडे ट्रेडिंग में RVI का उपयोग

इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए समय बहुत कीमती होता है। 1-मिनट या 5-मिनट के चार्ट पर RVI बहुत जल्दी-जल्दी सिग्नल बदल सकता है। इसलिए, इंट्राडे में RVI का उपयोग करते समय हमेशा इसे Volume इंडिकेटर के साथ जोड़ना चाहिए। यदि RVI 60 के ऊपर जा रहा है और वॉल्यूम भी बढ़ रहा है, तो यह एक बहुत ही मजबूत 'Scalping' अवसर हो सकता है।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए RVI

स्विंग ट्रेडिंग में RVI का असली जादू दिखता है। चूंकि स्विंग ट्रेडिंग कुछ दिनों से हफ्तों तक चलती है, इसलिए डेली चार्ट पर RVI का 50 के ऊपर या नीचे क्रॉस करना बड़े ट्रेंड की शुरुआत हो सकता है। डोनाल्ड डोरसी के अनुसार, यदि आप पहला सिग्नल मिस कर देते हैं, तो 60 के स्तर को पार करने पर एंट्री लेना अधिक सुरक्षित होता है।

रिस्क मैनेजमेंट और RVI

हर इंडिकेटर की तरह RVI भी 100% सही नहीं होता। इसलिए, स्टॉप-लॉस (Stop Loss) लगाना अनिवार्य है। RVI का उपयोग करते समय अपना स्टॉप-लॉस हालिया 'Swing Low' के नीचे रखें। यदि RVI 40 के नीचे गिर जाता है, तो अपनी लॉन्ग पोजीशन को बंद कर देना ही समझदारी है।

RVI के फायदे (Advantages)

  • पुष्टि का बेहतरीन साधन: यह अन्य इंडिकेटर्स के साथ मिलकर बहुत सटीक परिणाम देता है।

  • अस्थिरता आधारित: यह कीमत के बजाय कीमतों के बिखराव को देखता है, जो अधिक वैज्ञानिक तरीका है।

  • सभी एसेट क्लास के लिए: चाहे स्टॉक हो, फॉरेक्स हो या क्रिप्टो, RVI हर जगह काम करता है।

RVI की सीमाएं (Limitations)

  • Lagging Indicator: चूंकि यह पिछले डेटा पर आधारित है, इसलिए यह कभी-कभी सिग्नल देने में थोड़ा लेट हो सकता है।

  • Sideways Market: जब बाजार एक रेंज में फंस जाता है, तो RVI कई बार गलत सिग्नल (False Crossovers) दे सकता है।

  • अकेले उपयोग न करें: डोनाल़्ड डोरसी ने स्वयं कहा था कि इसे स्टैंडअलोन इंडिकेटर के रूप में उपयोग नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष: क्या आपको RVI का उपयोग करना चाहिए?

निश्चित रूप से, Relative Volatility Index एक अनदेखा लेकिन बहुत ही प्रभावी टूल है। यदि आप अपनी ट्रेडिंग में फिल्टर लगाना चाहते हैं और गलत ट्रेडों से बचना चाहते हैं, तो RVI आपके सेटअप का हिस्सा जरूर होना चाहिए। इसे सीखने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन एक बार समझ आ जाने पर यह आपके 'Win Rate' को काफी हद तक सुधार सकता है।

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